Saturday, 31 March 2018

शायरी

कुछ रोज़ यह भी रंग रहा तेरे इंतज़ार का,

आँख उठ गई जिधर बस उधर देखते रहे।


किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इन्तजार को तुम्हें,

बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूँढता है खामोशी से तुझे।😢 😢

मुद्दत से ख्वाब में भी नहीं नींद का ख्याल,

हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतज़ार है।😢 😢

रात भर जागते रहने का सिला है शायद,

तेरी तस्वीर सी महताब में आ जाती है। 😭 💔 😢

तेरे इंतजार में कब से उदास😢 बैठे हैं,
तेरे दीदार में 😭आँखे बिछाये बैठे हैं,
तू एक नज़र हम को देख ले बस,
इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं।💔 😢

ये इंतज़ार सहर का था या तुम्हारा था,

दिया जलाया भी मैंने दिया बुझाया भी।😢 😢

दिल जलाओ या दिए आँखों के दरवाज़े पर😢,

वक़्त से पहले तो आते नहीं आने वाले। 😭 💔

लौट आओ और मिलो उसी तड़प से,
अब तो मुझे मेरी वफाओं का सिला दे दो,
इंतजार ख़त्म नहीं होता है आँखों का,
किसी शब् अपनी एक झलक दे दो।💔 💔

शब ए इंतज़ार की कशमकश में
न पूछ कैसे सहर हुई,
कभी एक चिराग जला दिया
कभी एक चिराग बुझा दिया।💔 😢

वो कह कर गया था कि लौटकर आऊँगा,
मैं इंतजार ना करता तो क्या करता,
वो झूठ भी बोल रहा था बड़े सलीके से,
मैं एतबार ना करता तो क्या क्या करता।💔 😢

ता फिर न इंतज़ार में नींद आये उम्र भर,

आने का अहद कर गये आये जो ख्वाब में।😢 😢

तू मुझे याद करे न करे तेरी ख़ुशी,
हम तो तुझे याद करते रहते हैं,
तुझे देखने को दिल तरसता रहता है,
और हम इंतज़ार करते रहते हैं। 😭 💔 😢

उदास आँखों 😎में अपने करार देखा है,
पहली बार उसे बेक़रार देखा है,
जिसे खबर ना होती थी मेरे आने जाने की,
उसकी आँखों में अब इंतज़ार देखा है।💔 😢

इंतजार तो बस उस दिन का है...

जिस दिन तुम्हारे नाम के पीछे हमारा नाम लगेगा.😢 😢

उस इश्क़ की आग मेरे दिल को आज भी जलाया करती है,

जुदा हुए तो क्या हुआ ये आँख आज भी उनका इंतज़ार करती है। 😭 💔 😢

जब रात को आपकी याद आती है
सितारों में आपकी तस्वीर नज़र आती है
खोजती है निग़ाहें उस चेहरे को
याद में जिसकी सुबह हो जाती है !!💔 💔

तुम भी चाहत के समन्दर में उतर जाओगे,
खुशनुमा से किसी मंजर पे ठहर जाओगे ।
मैने यादों में तुम्हें इस तरह पिरोया है,
मै जो टूटी तो सनम तुम भी बिखर जाओगे💔 😢

एक अजीब दास्तान है मेरे अफसाने की..
मैने पल पल कोशिश उसके की पास जाने की,
किस्मत थी मेरी या साजिश थी ज़माने की,
दूर हुई मुझसे इतना जितनी उमीद थी करीब आने की.😢 😢

हर सागर के दो किनारे होते है,
कुछ लोग जान से भी प्यारे होते है,
ये ज़रूरी नहीं हर कोई पास हो,
क्योंकी जिंदगी में.. यादों के भी सहारे होते है 😭 💔 😢

मेरी यादें मेरा चेहरा मेरी बातें रुलायेंगी,
हिज़्र के दौर में गुज़री मुलाकातें रुलायेंगी,
दिनों को तो चलो तुम काट भी लोगे फसानों मे,
जहाँ तन्हा मिलोगे तुम तुम्हे रातें रुलायेंगी|💔 😢

No comments:

Post a Comment